Santosh Kumar Yadav / Tue, Sep 15, 2026 / Post views : 24
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के बाद अब अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा इन दिनों अयोध्या में लगातार बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि संग्रहालय के निर्माण और उससे जुड़े कार्यों को लेकर निर्माण कंपनियों से बातचीत की जा रही है।
नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, मंदिर निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है और अब मुख्य ध्यान अंतरराष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय की ओर है। मंदिर परिसर के बाहर ऑडिटोरियम का निर्माण भी चल रहा है, जिसे जनवरी-फरवरी तक पूरा किए जाने का अनुमान है।
उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में हुई बैठकों में टाटा कंसल्टेंसी, एलएंडटी और उनकी सहयोगी कंपनियों के अंतिम भुगतान से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। उनके अनुसार, अधिकांश पूर्व कार्यों का भुगतान किया जा चुका है और अब अंतिम भुगतान की प्रक्रिया चल रही है।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि शर्तों के अनुसार कंपनियों को आने वाले वर्षों में निर्माण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए परफॉर्मेंस बैंक गारंटी देनी होगी। साथ ही अंतिम बिलों के चयनित हिस्से का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर भी चर्चा हुई है।
इसके लिए इंजीनियर इंडिया लिमिटेड को कम से कम 60 से 70 प्रतिशत अंतिम बिलों का ऑर्डर के अनुरूप ऑडिट करने के लिए कहा गया है। इसके लिए करीब दो महीने का समय तय किया गया है।
रामकथा संग्रहालय के मुख्य कार्य के लिए 10 अक्टूबर से टेंडर जारी किए जाने की बात कही गई है। नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक अक्टूबर के अंत तक टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का अनुमान है। इसके बाद गैलरियों के निर्माण में करीब छह महीने लग सकते हैं।
संग्रहालय में कुल 20 गैलरी प्रस्तावित हैं। इनका विषय और स्टोरीलाइन तय की जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, स्टोरीलाइन तैयार करने में संग्रहालय के निदेशक संजीव कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गैलरियों में वीडियो और 3D तकनीक समेत आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किए जाने की योजना है।
इसके अलावा एक गैलरी में राम मंदिर आंदोलन के करीब 500 वर्षों के इतिहास और उसमें कानून एवं न्यायालय की भूमिका को प्रदर्शित करने की योजना है। इसके लिए न्यायालय से संबंधित आवश्यक सामग्री भी संकलित की जा रही है।
एक अन्य गैलरी में खुदाई के दौरान मिली पुरातात्विक वस्तुओं को प्रदर्शित करने की योजना है। इसमें श्रीराम से जुड़े ऐतिहासिक काल और उपलब्ध पुरातात्विक साक्ष्यों को किस प्रकार प्रस्तुत किया जाए, इस पर काम किया जा रहा है।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि वैज्ञानिक मंत्रालय की ओर से तैयार कराई गई हनुमान जी से संबंधित गैलरी का कार्य पूरा हो चुका है।
वहीं, राम जन्मभूमि परिसर के चारों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य भी जारी है और इसे जल्द पूरा किए जाने की बात कही गई है।
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