Santosh Kumar Yadav / Tue, Sep 15, 2026 / Post views : 35
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO के चयन को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। पूर्व IPS अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने चयन प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगते हुए ट्रस्ट को पत्र भेजा है। हालांकि, ट्रस्ट ने इस संबंध में जारी पत्र में लगाए जा रहे दावों का खंडन करते हुए चयन प्रक्रिया को दस्तावेजीकृत और पारदर्शी बताया है।
अमिताभ ठाकुर का कहना है कि पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडेय ने हाल ही में एक सार्वजनिक पॉडकास्ट में दावा किया कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा अंतिम चरण के 16 उम्मीदवारों में शामिल नहीं थे और उन्होंने साक्षात्कार में हिस्सा नहीं लिया था। ठाकुर के मुताबिक, राजेश पांडेय ने यह भी कहा कि उस समय उन्हें अपना चयन लगभग निश्चित लग रहा था, लेकिन बाद में निर्णय बदल गया।
ठाकुर ने ट्रस्ट से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि यदि जितेंद्र मिश्रा अंतिम निर्धारित चरण में शामिल नहीं थे तो उनका नाम अंतिम तीन उम्मीदवारों में किस आधार पर आया और उनका चयन किस प्रक्रिया के तहत हुआ। उन्होंने कहा है कि संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर वह चयन प्रक्रिया और नियुक्ति को उचित न्यायिक अथवा वैधानिक मंच पर चुनौती देने सहित उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार करेंगे।
वहीं ट्रस्ट ने इन दावों को खारिज किया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देवगिरी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, CEO चयन के लिए 6 जुलाई को खोज समिति गठित की गई थी। समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए। इसके बाद दिल्ली NCR, पुणे और संबलपुर में AI स्क्रीनिंग तथा मैनुअल विशेषज्ञ मूल्यांकन के जरिए बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाई गई।
ट्रस्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद 16 प्रत्याशियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया। इन उम्मीदवारों की 11 और 12 अगस्त को अयोध्या में आमने-सामने बातचीत हुई। ट्रस्ट का स्पष्ट दावा है कि सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 11 अगस्त को पहली पाली में साक्षात्कार में भाग लिया था।
ट्रस्ट के मुताबिक, खोज समिति ने 1 सितंबर को अपनी अंतिम रिपोर्ट और सिफारिशें न्यास को सौंपीं। इसके बाद 2 सितंबर को शीर्ष तीन अनुशंसित उम्मीदवारों के रूप में एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (सेवानिवृत्त), संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज के नाम सामने रखे गए।
ट्रस्ट ने कहा है कि शीर्ष तीन में जितेंद्र मिश्रा का शामिल होना उनकी साक्षात्कार में भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता-आधारित चयन का दस्तावेजी प्रमाण है। न्यास ने चयन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण के दस्तावेज उपलब्ध होने और पारदर्शिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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