Santosh Kumar Yadav / Sun, Aug 30, 2026 / Post views : 109
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में राजस्व मामलों, कानून-व्यवस्था, त्योहारों की तैयारियों और बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों का कागजी नहीं, बल्कि वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी उन्होंने पांच वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिलों में राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
सीएम ने निर्देश दिया कि गलत तरीके से निस्तारित किए गए मामलों में संबंधित अधिकारियों को पांच दिन के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। वहीं, असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर वास्तविक स्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए छेड़खानी और चेन स्नेचिंग की घटनाओं पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने माफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी रखने तथा गो-तस्करी, धर्मांतरण और धार्मिक स्थलों से जुड़ी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा।
स्लाटर हाउस की औचक जांच करने और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
जन्माष्टमी के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने मथुरा-वृंदावन में व्यापक क्राउड कंट्रोल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। बांके बिहारी मंदिर के लिए अलग से सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कार्ययोजना बनाने को कहा गया है।
सीएम योगी ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही मथुरा और वृंदावन में अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश भी दिए गए।
गणेश प्रतिमा विसर्जन को लेकर मुख्यमंत्री ने हाईटेंशन तारों से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उफनती नदियों को देखते हुए विसर्जन स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया।
बाढ़ प्रभावित अस्पतालों में एंटी-वेनम और एंटी-रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य कैंप लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शासन की प्राथमिकता जनता को त्वरित राहत, प्रभावी सुरक्षा और शिकायतों का वास्तविक समाधान उपलब्ध कराना है।
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